Khamakha

🧑‍🎤: Akash Kaushal, Bharath

🎧: 0

📂: Pop

⏱: 00:00:00 AM 26/03/2026

खोली है
आज वो दराजें जो बंद थी
कुछ दिनों से मेरे बीटर
आया वो
दिल ये साफ करने को मैं खड़ा
कुछ नहीं बस फूल बनकर वो है चाक था
फूल काफी मुझ में थे
काटे रहते अब यहाँ
वो हैरा हुआ
सपनों की आच्छोर मैं डरा राक्सा
खामखा जाग उठा है दिल
फिर जीने की अब बात करता है
हर कोशिश जब नाकाम हो मेरी
हर मुझकिल ये आसान करता है
खामखा जाग उठा है दिल
होरी
है गुटन मुझे फिर हात मेरे
खोलने का फाइदा क्या चुब रहा है
बदन मुझे मेरे हात से
खुद को सेला पाऊंगा क्या कोज रहा है
क्या तोई ना यहाँ जो हो मेरे रंग का
ले मेरी चाका
सीख काफी मुझ में थी ना बचा
खामखा जाग उठा है दिल
फिर जीने की अब बात करता है
सुन्ता सदमात सब मेरे मासूमियत पर नाज करता है
खामखा जाग उठा है दिल
खाली पड़ी
दराजे सबी बरबाद हूँ बताया ने
हो मांगा ना कुछ आजाद तभी परवान उड़ा अपका
पूलों ने भी कुछ कहा
खिलता है जो
मुरचाएगा जहाँ होगा पेराम्रता
खामखा जाग उठा है दिल
फिर जीने की अब बात करता है
जितना भी तोड़ता इसको जुण कर फिर ये काम करता है
तु पुदखो ना खोना है बस में काबिल होना
बिलेगा तुझे सब नजारा क्या ही होगा

XEM TOÀN BỘ
Tum Woh Nahin
🎧 : 0 | ⏱: 3:18
🧑: Bharath, Akash Kaushal

Jab Hoga Na Koi Paas
🎧 : 0 | ⏱: 2:53
🧑: Akash Kaushal, Bharath

Khamakha
🎧 : 0 | ⏱: 4:07
🧑: Akash Kaushal, Bharath

Aazmaati
🎧 : 0 | ⏱: 2:50
🧑: Akash Kaushal, Bharath

Pata (Voice Note)
🎧 : 0 | ⏱: 3:15
🧑: Akash Kaushal

Khabar
🎧 : 0 | ⏱: 3:33
🧑: Akash Kaushal, Raghav Meattle

Pata
🎧 : 0 | ⏱: 3:31
🧑: Akash Kaushal, Bharath

Pata (Intro)
🎧 : 0 | ⏱: 1:31
🧑: Akash Kaushal

Chaahat Bhi Hai
🎧 : 0 | ⏱: 3:01
🧑: Akash Kaushal, Bharath

Jaane Kahan Ghum Tum
🎧 : 0 | ⏱: 2:41
🧑: Akash Kaushal

Chaahat Ka Maara
🎧 : 0 | ⏱: 2:38
🧑: Akash Kaushal