Surekha Haran Pt. 2
🧑🎤: Bhikhudan Gadhvi
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📂: Folk
⏱: 00:00:00 AM 17/02/2026
विदुर्दादा नी वात साम्बली ना अभिमान्यू नहीं कहे छे दादा,
आमा सू मोटी वात छे,
सुरेखानो सबन दुर्योधन ना पुत्र लख्ष्मना साथे किरो,
मारो सबन तोड़ी ना एकोई कै बोव मोटी वात नथी दादा,
अमा रडवानु नहोई,
आतो मारा माते एक रमत वात छे,
दादा,
सुरेखाने साथे लगन करवा ही तो एक रमत वात छे,
एतुनु नही,
पर तम्हें केता हो, तम्हें राजी हो,
तो अनासी विशेश कन्याओणी साथे पं हूं लगन करी सकू एमच्छू,
आमा रडवानु नहोई, आमा रोवानु नहोई।
अब अदी चिंता छोड़ी दियो,
आके रोवानु कारण न केवाई दादा,
बद्धाने छाना रहिया,
एक मोता वा मोती घटना ने,
एक सामाने बाबत अभिमान्योई बनावी नागी,
आणे तमने जो सुरेखा साथे जो मोह होई,
एनी साथेर हूं लगन करूं,
एवी जो तमारी लागनि होई,
तो हूं एम करीश,
एनी साथे लगन करीश।
बद्धाई,
ने आस्वासन आपी,
आने अभिमान्योई कहेचे,
के द्वारिका नगर मां,
अये राखी हाम जो,
नगर द्वारिका मां जैने आओ,
द्वारिका नगर मां जैने आओ,
अये राखी हाम जो,
सुरेखाने हूं परनी लाव,
करूं पुरन ये काम जो,
सुरेखाने हूं परनी लाव,
करूं पुरन ये काम जो,
मारी माता रणो मां, दादा रणो मां,
पुरन करूं तमारा कोड जो,
अभे मान्यू
आसूत तमारो,
सुरेखा सर्गी जोड जो,
दादा,
रोवानु नहोई,
द्वारका नगर मां जय औए तमारु काम पुरन करूं,
आत्मु कहये औए ज़्यारे तयारी करी जवानी,
तर दादा विदुर्णा पग मां पढ़िये औए आशिर्वाद मागे आशिर्वाद,
दादा एक आशिर्वाद आये,
माता कुन्ताने पगे लागया,
अभिमान्यू,
तर माता कुन्ताने पड़ा आशिर्वाद आये,
पान सुबद्राने पगे लागवा जायी छे,
तर सुबद्राजी,
अने पाछो वालेच,
ना मेटा,
नहीं मारा दिकरा,
अपने एवँ काई करवा नथी,
माता,
हवे जो उन पाछो वलूने,
तो मारा पाण्डवोनु कुब लाजी,
मारा पिता अर्जुन नी आबरू जाये,
मारा भिम काकाने भोठामन पड़े,
माता,
सहधेव नकुण काकाने शरमावु पड़े,
अवे तो जवू च्छे,
सुरेखाने परणमू च्छे, आमारी प्रतिग्णा च्छे,
माता,
तमे राजी थाओ, मने आशिराद आपो,
फते ना डंका वागे,
अने वेलो आवी अने तमारा पगमा पड़ू,
माता और पुत्र नी वात साम्ली,
दादा विदुर्जी एम कहे छे,
बेटा,
मारु केवू एत्तमु मान जे,
तु एकलो न जातो,
तारी माता सुबद्राजी ने साथे लेतो जाजे,
कारण,
द्वार्का नगर मा बड़भधरेजी अने क्रष्णजी मले,
अने कदाज युद न करूँ पड़े अने प्रसंग सिधो पड़ी जाए,
एत्तला खातर,
तु तारी माता सुबद्राजी ने साथे लेतो जा, दिक्रा,
दादाजी,
तमारी वात साची छे,
आपनी आगना चेले सिरोमानी करूँ चू,
पर नहितर मारी माता नी कोई जरूर नथी,
एने साथे मारे सुकाम ले जमा पड़े,
ना बेटा,
हूं कऊँचो,
दादा विदूर नी वात साम्ली,
सुबद्राजी ने साथे लियेचे अविमान्यो,
पर बेनु यवू के रथमा पहला सुबद्राजी बेसी जाएजे,
कारण,
कदाथ मने एकली मुकी और मारो दिक्रो निकली जाएजा,
अले रथमा जो बेटाँ चे,
दादा विदूर जी एम कहे चे,
बेटा,
सायन काले निकल जो,
रात मा निकल जो,
कवरों ने कदाथ खबर पड़े,
तो तमने द्वारका न पोचवा दिये,
एतला खातर खबर न पड़े,
एम निकली जाजो,
साज पड़ी,
रथ रवाना थियो,
सुकन सारा मिदा थावा,
सुकन और अपसुकन ये मित्रों कुदरती चे,
येने उभान कराए,
सहधरिते सुकन थाए, येने सुकन केवाए,
धीरे धीरे जंगल मा रथ आयलो जाये,
पर केवायचे के एवा घटाटोग जालीवारू जंगल आयवू,
के जया पोता नू पेणण हुझे एवू अंधारू,
काली मेगली राज,
काली दिबान,
एम केवायचे का हांद्वानी होई नो घा करो,
अन्धारा मा चोटी जाय,
धर्ती उपर पड़े नी,
एमी मेगली राज, जंगल मा रथ धीरे धीरे आयलो जाये,
पर बेनु एवू केमा बे रथ आये,
कारण शु,
बग्वान क्रिष्ण अंतर्यामी चे,
पोताना बक्तनो दिक्रो द्वार्का आये,
एक कार्य साधवा माते आये,
एक कार्य पुर्ण करवा माते आये,
बग्वान, क्रिष्ण, बद्धी लिला जाने चे,
इतले बे रस्ता आवता अभेमान्यू मुझाये,
कारण,
अने मुझावा चे,
अने जंगल मा भुलो पडवा चे,
अभेमान्यू ने भुलो पाड़ी अने विर्गटोरगस्ट नी मुलाकात करवी चे,
बग्वान,
क्रिष्ण नी अकड लिला येनो पार कौन पामी सके,
रतमा माताजी बेठा छे,
रत जो भुलो पड़े,
अने भुलो पड़े तोज एदम्बाना जंगल मा आवे,
अने एदम्बाना जंगल मा आवे,
तोज गटरगस्ट नी मुलाकात ठाए,
जोजो वित्रो,
भगवान नी केमी लिला छे,
रसतो भुलावीने पन काम सारा करावेच,
सत्य वाचे, विभीख्षन ने जो रावन लाथ नमारे,
तो रामना चरण मा कोई दिवस जवानो नो तोई,
अले भगवान जे दूख आपे ने,
अमा कल्यान जोई,
इश्वर जे दूख आपे,
अमा हमेशा ने माते विचार जो,
मित्रो,
कल्यान होई,
दूख तो आपना उभा करेला होई, ने एमा होई,
इश्वर दूख नाखे, अमा आपनु कल्यान जोई,
एवा घणा दाखला छे,
कताना उभा करेला दूख होई,
दाखला तरीके,
अपनो एक जुनो दूखोच,
पेरवा तुका पगरखा,
जीवता लेवा नाख,
तानी ने माते विचार जो,
पागडी,
आपने अनु हर्या दूख,
उभा करेला दूख छे,
और येमा जो,
माना राणू नाखे,
कि मने बचावो,
मने बचावो,
एमा कोई न बचावे, तू बज्चोज थाई,
कियावाना अर्थ,
बगवान रस्तो भुलावीने पर कलियान करेछ,
बे रस्ता आयेगा,
अभिमान्यू विचार करेछ,
कि कया रस्ते द्वारिका नगर आवे,
अतले माताने पुछेछ,
सू पुछेछ,
माता मारी
सांभलोने वाद,
माता मारी सांभलोने वाद,
मन मार गडो, ए बतावो, द्वारिका सेरनो मुरा,
मन मार गडो,
बतावो, द्वारिका
सेरनो मुरा,
माता के चे
सांभल मारी वाद,
माता के बेता सांभल मारी वाद,
बतावो,
रे, ए मरग, द्वारिका सेरनो मुरा,
बतावो, रे,
मार गडो, द्वारिका सेरनो मुरा,
माता के चे बेता,
दाबो जे मारग जाए, द्वारिका सेर जाये,
अन हकिकत मा रस्तो भुलानो चहै,
हलता हलता, बराबर, एम केवा चे के, अगोर वन आयू,
बहिंकर जंगल आयू,
अन आगल जाता, रस्तो बंद थै जाये,
पाछो वलायें नती,
आगल जवायें नती,
कोई दिशाये काई गम पढ़ती नती,
बैनु यवु केमा मोटा-मोटा कोत्रो आये,
वाग, वरू, भहिंकर, प्राणियोना आवाज मिला हूँ,
रस्तो खाडा मा पढ़ी जाये, वली पाछो बार काडे,
क्या जवू, अनी कोई गम पढ़ती नती,
दिशा सूर्ती नती,
मातार सुबिद्रा विचार करेचे,
अरे,
रे,
हवे शुँ करू,
चारे बादू गोर जंगल छे,
बेटा, हवे क्या जायेशु, सु करशु,
अभिमामिव विचार करेचे,
कारण,
इनी पासे मन्त्र विध्याओ छी,
अने मन्त्र विध्याथी,
बान छोडी, अने आग लगाली,
जेम जेम आग लागे,
पंजवालू थाई,
रस्तो देखाई,
अने रस्त आगड हाले,
थाँ थाँ, हेदम्बाना जंगल मा आये,
हेदम्बाना वन मा आये,
आवी आने वन सलगायू,
पर वन मा आग लागता,
भहेंकर राक्षसो,
त्राल नाकियेन उबाथिया,
पर त्रण त्रण ताल जेवडा उचा,
अने गधब मायावी राक्षसो भायू,
एमा एक बहुतो प्रकास थियो,
एमा ति एक मायावी राक्षस जाएगयो,
और बिजा राक्षसोने बोलायवा,
कि अपरी हेदम्बाना महाराणीना वन मा कोई थी निकलायने,
या मानों कोन आये,
या मानस छे कोन,
मोता मोता राक्षसो,
लामा लामा दान्त,
सुप्डा सुप्डा जेवडा,
इना कान,
मोता मोता नाथ,
विक्रार रूप जोय, और सुबिद्राजीने मुच्छा आवी गये,
एक बाजु वन सलगे छे,
एक बाजु माता ने मुच्छा आवी गये छे,
अविमान्यू मुझाई जाई जाई,
पान समय जोय विचारी,
माता ने खमबे उपाडी,
एक गुफानी बाजु मा लाई,
सुब्डा वियने कपुणु धांकी दिये छे,
आवी
राक्षसों सामे यूद करेचे,
केवा राक्षसों,
इनने केम मारवा, मायावी राक्षसों,
जेम जेम मारे सजिवन थाई छे,
पान
अभिमान्यू ने याद आये,
कि मारा माता ना उदर मा,
जरे कोठा विध्या में साम्बली छे,
एमा एक एवी विध्या छे,
शिव्व्णू बान मारवा ती राक्षसोंनो नाज थाई,
शिव्व्णू मंत्र बोली, बान छोड़ियू,
हजार राक्षसों हता हैमा ती,
नव्सो नवानू राक्षसोंना मुर्त्यू थ्या,
एक भाईग्यो अभिमान्यू येने जावा दिते,
कारण के जैने जेने जान करी होई जान करे,
हेडम्बा ना राजमेल मा आवी और राक्षसे माणी और वात करी,
हेडम्बा ये पोता ना दिक्रा गटोरगचने उभो करी,
गटोरगच आवी अनि अभिमान्यू ने साथे युदे चलेज,
पर जाका जिक, जाका जिक, जाका जिक माणी बोलवा,
अडा गोपव वशुरान, रामसन धरा दमंकी,
चलेज मेग मन्नं दखनी, यों बीच बीजी चम्मंकी,
एवा युद जायमु,
क्रिष्ण बग्वाने विचार करो,
अंतर यामी चे,
हवे अभिमान्यू ने बचाऊवा छे,
गटोरगचनी साथे यानो परीचाई कराऊवा छे,
कोज काम थाई शके,
गटोरगचना रदै मा बग्वान क्रिष्ण ने दया मुकी,
अभिमान्यू ने मरेलो समझी और पड़तो मुकी दितो,
आभाजु हेडम्बाने एम थियूं के हजी,
गटोरगच केम ना आयो,
जयिन जोवे छे,
अभिमान्यू प्लेओ छे,
गटोरगच बादु मा उभो छे,
आभाजु सुबत्राजी ने ज़्यारे मुर्चा उत्री और जयिं,
कि मारो दिक्रो अभिमान्यू प्लेओ छे,
माता रुदन करेज,
कोता ना खोला मा अभिमान्यू नु माथू लई,
वी दिक्रा बोलो ने, लाड़क वाया लाग,
एवे बान्यू बोलो ने,
तारा पिता अर्जुन ने हूं सूं जवाब आपीछ,
तारा काका भीम आवी अने मने पूछी चे,
तो हूं जवाब आपीछ,
अभिमान्यू,
धर्मराजा ने हूं सूं जवाब आपीछ,
आबदा जारे नामो हेडम्बाये साहिमले,
तारे विचार करो गो,
भीम तो मारा पती थाय,
अर्जुन तो मारो देर थाय,
राजा धर्म तो मारा जेट छे,
सुबद्रा ने छाना राखेच,
हेडम्बा ने सुबद्रा नो फरीत ही थाय,
गटरगतने कहेचे,
बेटा या तो खोटू थियो,
अभिमान्यू तो तारो भाय ही,
अमुरुत्रो कुम मगावी,
अभिमान्यू ने सजीवन करी,
मणे भायो अने हेडम्बा और सुबद्रा जी राजमेल तरप जायेच,
एक बिजाना हमाचार पुछेच,
पांडवो वनमाँ गयाचे,
अभिमान्यू नो सवन तोडयो चे, बनभदरई,
इतने सुरेखा ने परणवा माटे अभिमान्यू जायेचे,
सुबद्रा जी हेडम्बा ने हम कहेचे,
तमें सम्झाओ ने, पाँचो वली जाये,
अपनु इक काम नथी,
पर हेडम्बा बोले,
पहलां तो गटोरगचे हित्लू किदू,
माता,
पाँचो वलवानु नो होई,
अभे इक काम तो सिद्ध करवानु जहोई,
अभिमान्यू कहे,
मारे काम नथी करवा,
तो गटोरगचे हें कहे,
इह हूं करीश,
मारा भाईने सुरेखारे साथे परनावी सज,
द्वार्का जवूज़ चे,
माता,
मने इतनो जवाब आपो,
इतना समाचार आपो,
के कवरो मा दुर्योधनना दिक्रा लक्षमणानी जान
द्वार्का क्यारे आवेच,
तो केछे, आवती काले जान आवेच,
तो हमें परमदिव्से द्वार्का जेशु,
नकी करू,
आनन्द करो,
आवन्ना राजमिल नी मालिपा तमारु घरच्छे,
अभेमान्यू, गटोरगच,
एडम्बा, सुबद्राजी,
राजमिल मा रहेचे,
अने आभाजु कवरो कुण्मा ती दुर्योधनना
दिक्रा लक्षमणानी जान द्वार्का रवाना थाईशु।
लगण नी जबर्जश तयारी चे,
आप समझी शको छो,
दुर्योधननो दिक्रो लक्षमणो,
एनी जान मा, मामा सकूनी, दुसासन,
दादा दिश्म,
दोल सर्णायू वागे चे,
रुणा वाजिंक्रो वागे चे,
मंगल गृतो गवाये जुई.
और आपको द्वार्का,
बनभदर जी, क्रिष्ण जी,
जान ना स्वागत नी पुर्ण तयारी करी और रहा जोवेश।
और आपको द्वार्का,
कवरोव कुण जान,
मंगल लगण गृतो गवाये जुई.
केवा गितो?
रुणा लगण गितो गवाये जुई.
द्वार्का नी शेरियू मा,
गलियू मा,
आनन्द,
आनन्द वर्ताये जुई.
पर मुर्त्या ने जोई,
द्वार्का ना मानसो विचार करेछे,
बर्देव जी ने आज सूज्यू,
क्यां सुरेखा नि क्यां लक्ष्मनो?
सू थाये?
आबाजू,
यदिम्बावन मा सवार पड़ेछे,
गटोरगत अभिमान्यू ने हम केछे,
के भाई तमे आहिं रियो,
मुं द्वार्का नी मिलाकात लेयाऊँ.
गटोरगत तो मायावी राक्षस चे ने भाई,
नाई अभिमान्यू के उं साथे आऊँ,
सुबद्राजी पर एम केछे,
भाई तु एकलो जाये ने करता,
अभिमान्यू ने साथे लेन जा,
बन्ने साथे जायी छे,
मायावी राक्षसों ने उभा करी,
रस तयार करी,
रस द्वार्का जाये,
द्वार्का नी बाजुमा एक भोईरू छे,
एमा मुकाम राखे छे,
अभिमान्यू ने एम केछे,
तमें आयां बेसो,
हूं द्वार्का नी मिलाकात लेयाऊँ.
बद्धानो परिचे करेवो, जान क्या उत्री छे,
एक-एक व्यक्ति नो परिचे करी,
और मायावी गटोर-गट,
वेश-पल्टो करी,
राज नी दाशी बने,
भानुमती नी दाशी बने,
बद्धाय ने जोय कारवी,
और पाछो भोईरे आवे.
बिते दिव्शे माया रची,
एक सदाग्र बिनो,
किम्ती पसुओं ने लईय न द्वार्का मा,
पादरमायन केवायेचे का आवेचे,
एधर्मियान कव्रो फर्वा निकलेचे.
बदा पसुओं ने जोय,
पैसा आपेचे.
पसुओं खरिदे,
पैसा लेलेचे कटोरगत,
पैसा लेले,
अने भोईरे आवी,
अने मुकेचे,
पन येवी माया हकेलीले,
कि बदा पसुओं मृत्यू पामेचे.
कव्रो नि पाहे पैसा नथी हवे,
बिजे दिवशें कहा है जे कि बजार नथी मायावी,
अने हेमा कव्रो पत्मियों खरिदी करवा जायेचे,
तरे दागिनाने सामे दागिना आपेचे मायावी,
ये साचा दागिना लेलेचे,
अने खोटा दागिना जे होई�
एवी परिस्थिति मा,
जारे क्यावायेचे, कि भानुमती नी दासी नु रूप लेए,
सुरेखा पाहे जायेचे
सुरेखा ने,
भानुमती नी हूं दासी चू, अतने,
एने हूं जरा फरवा लेजाओं,
गटोरगध सुरेखा ने साथे लेए,
राजमेल मा एक मेल थी बिजो मेल,
फगच्या जली, आने अगासी उपर जायेचे,
अगासी उपर गया पची गटोरगध से नकी करू,
कि अभे कवरोव नी जान,
लक्षमना नी जान,
भले उतारे रही,
सुरेखा ने तेली,
अने वहारन करी,
अने द्वारका नी पासे,
जा भोईरा मा अभिमान्यू चे,
त्यान लेए आवें से.
अभिमान्यू एम केचे, मोटा भाई,
कि हा भाई,
काम जे करवानु होतो थे, करू,
द्वारका नी मालिपा कवरोव नी जान चे,
नारद जी प्रगद थायेचे,
नारद जी ना स्लोके,
अभिमान्यू और सुरेखा ना,
ये भोईरा मा लग्न करेचे,
जे काई दागी ना रोकल रकम चे,
ये गटोर बदी दक्षिना मा नारद ने आपी दियेचे,
पर द्वारका मा जारे खबर पड़ेचे,
बड़ भदर जी ने खबर पड़ी के सुरेखा नु भर्ण थयीं चे,
तपास करी जानवा मेल्यू,
के जे मायावी सोधागर बनीन आयेवो तो,
जे पसुओंने मारी नाइखाने पैसा लईग्यो,
कव्रो पत्नी पासी ती दागिनावो लईग्यो,
ए बिजु कोई नथी,
पान
वीर भीमशेम नव पुत्र गटोरगज चे,
मायावी चे,
एक बाजु थी कव्रो कूर लडवा आवेचे,
एक बाजु थी यादो कूर लडवा आवेचे,
और एक बाजु हामे वेवायू अविवान्यों ने गटोरगज चुबाज,
पर गटोरगज तो मायावी चे,
अन्हे बग्वान जेनी बेरे होई,
इन्हो वाल कौन वाको करी सके,
बग्वान कृष्ण समझेचे के,
आ बदो विजई मारे अविवान्यों ने अपावाशू,
केवायेचे के कऊरव कूर्ण मा हाहाकार मची गयो,
यादो कूर्ण माये हाहाकार मची गयो,
अन्हे अन्ते बडभधरने अविवान्यों एम कहेचे,
के आ तमारी दिक्री सुरेखा,
जेनु मैं हरन करू,
मारे जोती नथी,
आपनी कण्या तमे पाछी लेजाओ,
पान अतली जो वार लागे,
मारे जो लगन करवा होई तो,
विचार कर जो मित्रो,
आनु नाम ईश्वर नी अकड लिला,
बग्वान नी भेरे केम प्रभू पोचेचे,
येनी पेरणा आपरसंग माती मलेचे,
आप सुरेखा, हरन नी वात माती मलेचे,
अनि एतलेज आपने दुहा मा पन किदूचे,
केवाच में प्रहला, जिजे थंब देखी, निजा खोती जो,
पन किदी, किदी नी हर कता,
एजो ने चला विते शामला,
Pandavo No Vanvas Pt. 1
Pandavo No Vanvas Pt. 2
Pandavo No Aambo Pt. 2
Pandavo No Aambo Pt. 1
Satti Ansuya Pt.1
Satti Toral Pt. 1
Satti Ansuya Pt.2
Satti Toral Pt. 2
Vidur Niti Pt. 2
Saurastra Ni Rasdhara Pt. 1
Vidur Niti Pt. 1
Saurastra Ni Rasdhara Pt. 2
Vikram Vetal Pt. 1
Vikram Vetal Pt. 2
Surekha Haran Pt. 2
Vatt No Katko Pt. 1
Vatt No Katko Pt. 2
Surekha Haran Pt. 1
Mansukhram Ni Moje Moj Pt. 1
Mahabharat Vol. 3 Pt. 2
Mansukhram Ni Moje Moj Pt. 2
Mahabharat Vol. 4 Pt. 2
Mahabharat Vol. 4 Pt. 1
Mahabharat Vol. 3 Pt. 1
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Mahabharat Vol. 8 Pt. 2
Mahabharat Vol. 10 Pt. 2
Mahabharat Vol. 9 Pt. 2
Mahabharat Vol. 9 Pt. 1
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Mahabharat Vol. 10 Pt. 1
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🧑: Bhikhudan Gadhvi
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Mahabharat Vol. 8 Pt. 2
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Mahabharat Vol. 10 Pt. 2
🎧 : 0 | ⏱: 30:14
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Mahabharat Vol. 9 Pt. 2
🎧 : 0 | ⏱: 30:47
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Mahabharat Vol. 9 Pt. 1
🎧 : 0 | ⏱: 30:38
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Mahabharat Vol. 7 Pt. 1
🎧 : 0 | ⏱: 27:28
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